11 वैक्सीन का ट्रायल जारी ,भारत की भूमिका अहम

वॅक्सिकन का ट्रयल

कोरोना वैक्सीन या टीके को लेकर दुनियाभर में 140 से भी ज्यादा अध्ययन चल रहे हैं, जिनमें से अब तक 11 अध्ययन मानव परीक्षण तक पहुंचे हैं। इनमें से एक भारत की स्वदेशी कोवैक्सिन भी है। आज कल बहुत सी कंपनी दावा कर रही है की उनके पास कोविद 19 की वॅक्सिएन है लकिन ये सारे दावे गलता है विशेषज्ञों के मुताबिक, वैक्सीन की खोज करने में कामयाबी किसी भी देश नहीं को मिले, लेकिन भारत जल्द ही ये कारनामा कर दिखेयेगा लेकिन भरता एकल दुनियाभर में उपलब्ध नहीं सकता, क्योंकि भरता मे कोविद 19 के मरीज 700000 सा अधिक है |
रविवार को विज्ञान प्रसार के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. टीवी वैंकटेश्वरन ने बताया, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के जेनर इंस्टीट्यूट का अध्ययन सबसे आगे चल रहा है। यह खोज एस्ट्राजेनेका ब्रिटिश कंपनी के साथ मिलकर की जा रही है।

ब्रिटिश कंपनी से पुणे की सीरम INSTUTE OF INDIA ने उत्पादन से जुड़ा करार भी किया हुआ है। वाशिंगटन स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान भी अध्ययन कर रहा है। भारत की कंपनियों ने उत्पादन के कई करार किए हुए हैं। डॉ. वैंकटेश्वरन बताया, भारत की छह कंपनियां वैक्सीन की खोज में जुटी हैं, जिनमें से दो को मानव परीक्षण के फेज एक व दो की अनुमति मिल चुकी है।

भारतीय वैज्ञानिकों का योगदान

दुनिया के ज्यादातर अध्ययनों में भारतीय वैज्ञानिकों का योगदान
दिल्ली एम्स के डॉ. रणदीप गुलेरिया के मुताबिक, उन्हें पूरी उम्मीद है कि भारत वैक्सीन बनाने में कामयाब होगा।उनका माना है की भारत AUG 2020 तक वैक्सीन बना लेगा दुनिया के ज्यादातर अध्ययन में भारतीय वैज्ञानिक योगदान दे रहे हैं

अब वॅक्सिकन का ट्रयल लास्ट स्टाज़े पर है | । इसके बाद एक बड़ी आबादी पर वैक्सीन परीक्षण काम शुरू होगा, यह परीक्षण अगले कुछ महीनों में भारत के चुनींदा शहरों में भी हो सकता है। एक बिलियन वैक्सीन की डोज भारत और आसपास के देशों के लिए रहेगी। जिसमे पाकिस्तान ,भूटान नेपाल, श्री लंका ,आदि देश शामिल है

COVID -19 INDIA REPORT

673165  -मामले (भारत)
409083-मरीज ठीक हुए
19268-मौतें
11,386,428-मामले (दुनिया)

HARYANA 16540

CHANDIGAR – 640

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